Menu

नैनीताल में घूमने की जगहें – 7 झीलों की कहानी

2084 मीटर की ऊँचाई पर बसा नैनीताल हर तरफ़ से प्रकृति की गोद में लिपटा हुआ है। यहाँ के हरे-भरे पहाड़, खिले हुए फूलों की ख़ुशबू और उत्तरी हवाओं की…
1 min read
नैनीताल में घूमने की जगहें – 7 झीलों की कहानी

2084 मीटर की ऊँचाई पर बसा नैनीताल हर तरफ़ से प्रकृति की गोद में लिपटा हुआ है। यहाँ के हरे-भरे पहाड़, खिले हुए फूलों की ख़ुशबू और उत्तरी हवाओं की ताज़गी इसे अनोखा बनाते हैं। यह सिर्फ़ ब्रिटिश दौर से ही नहीं बल्कि आज भी सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले हिल स्टेशनों में से एक है। दरअसल, Nainital me ghumne ki jagah इतनी ज़्यादा और विविध हैं कि हर किसी को यहाँ कुछ नया अनुभव मिलता है।

इस खूबसूरत कस्बे को “लेक सिटी” भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ की मोहक झीलें इसकी पहचान हैं। नैनीताल का आकर्षण स्थानीय और विदेशी पर्यटकों दोनों को खींच लाता है। हिमालय की गोद में यह शहर किसी रत्न की तरह चमकता है, जहाँ झीलों के साथ-साथ प्रकृति की भरपूर सुंदरता बसी हुई है। Nainital me ghumne ki jagah न सिर्फ़ शांत और सुकून देने वाली हैं, बल्कि आत्ममंथन और रिलैक्सेशन के लिए भी परफ़ेक्ट हैं। यहाँ बहते झरने और दुर्लभ जीव-जंतु किसी भी यात्री के थके मन को ताज़गी से भर देते हैं।

तो आइए जानते हैं विस्तार से Nainital me ghumne ki jagah और इन 7 अद्भुत झीलों की दिलचस्प कहानी।

झीलों की कहानी | विस्तृत गाइड

1) नैनी झील

Nainital me ghumne ki jagah में सबसे प्रसिद्ध नाम है नैनी झील। यह झील नैनीताल के बीचोंबीच बसी हुई है और दिन में जब सूरज की किरणें पानी पर पड़ती हैं, तो इसका हरा-नीला आभा लिए पानी और भी मोहक दिखाई देता है। नौकायन, कायाकिंग, बोटिंग और पैडलिंग जैसी गतिविधियाँ यहाँ बेहद लोकप्रिय हैं, जिन्हें लगभग 120 रुपये प्रति घंटे में अनुभव किया जा सकता है।

‘नैनीताल’ नाम की उत्पत्ति दो शब्दों से हुई है – ‘नैना’ अर्थात आंख और ‘ताल’ अर्थात झील। पौराणिक कथा के अनुसार, सती माता की आंखें इसी स्थान पर गिरी थीं, जिसके बाद इस झील का नाम नैनी झील पड़ा। झील के किनारे स्थित नैना देवी मंदिर आज भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों, दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

नैनी झील न सिर्फ़ धार्मिक मान्यता से जुड़ी हुई है, बल्कि यह हर उस यात्री के लिए खास है जो Nainital me ghumne ki jagah खोज रहा हो। चाहे साहसिक गतिविधियों का अनुभव लेना हो या शांत माहौल में समय बिताना, यह झील हर किसी को एक यादगार अनुभव प्रदान करती है।

2) भीमताल

भीमताल, महाभारत के प्रसिद्ध पात्र भीम के नाम पर रखा गया एक खूबसूरत झील-नगर है। 1,370 मीटर की ऊँचाई पर बसा यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। नैनीताल से पास होने की वजह से यह धीरे-धीरे यात्रियों की पसंद बनता जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि यहाँ ठहरने की व्यवस्था नैनीताल की तुलना में अपेक्षाकृत किफायती है।

जहाँ नैनीताल हर वक्त रौनक और भीड़ से भरा रहता है, वहीं भीमताल एक सुकून भरा और कम भीड़भाड़ वाला विकल्प है। बोटिंग, पैडलिंग, बर्डवॉचिंग, नेचर वॉक्स और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियाँ यहाँ पर्यटकों को खूब भाती हैं। झील के बीच बने छोटे से द्वीप पर बैठकर धूप का आनंद लेना भी एक यादगार अनुभव होता है।

भीमताल अपने धार्मिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। यहाँ स्थित 17वीं सदी का भीमेश्वर मंदिर अपनी शानदार शिल्पकला और पौराणिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं का केंद्र है। साथ ही, यहाँ से नज़दीकी नाकुचियाताल और सातताल जैसी जगहों की सैर भी आसानी से की जा सकती है, जो कि अक्सर यात्रियों की लिस्ट में शामिल रहती हैं।

जो भी यात्री Nainital me ghumne ki jagah खोज रहे हैं और भीड़ से हटकर शांति चाहते हैं, उनके लिए भीमताल एक परफेक्ट विकल्प है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य और सुकून भरा माहौल हर किसी का दिल जीत लेता है।

3) सरीयाताल

सरीयाताल, जिसे कई बार सरीतताल भी कहा जाता है, नैनीताल की उन झीलों में से है जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। ठंडी हवाओं और पन्ना-हरे पानी वाली यह झील नैनीताल शहर के बाहरी इलाके में बसी है। इसका दिल के आकार का स्वरूप और हिमालयी चोटियों का बैकड्रॉप इसे एक अलग ही आकर्षण देता है। यही कारण है कि यह झील धीरे-धीरे Nainital me ghumne ki jagah की लिस्ट में अपनी खास जगह बना रही है।

इस झील की सबसे बड़ी खूबी है इसका शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य। जो यात्री नैनीताल की भीड़ से थोड़ा दूर शांति में वक्त बिताना चाहते हैं, उनके लिए सरीयाताल किसी छुपे खज़ाने से कम नहीं। यही वजह है कि जब लोग पूछते हैं Nainital mein kaun si jhil hai या नैनीताल में कितने ताल है, तो सरीयाताल का ज़िक्र ज़रूर होना चाहिए।

सरीयाताल झील के किनारे ही मशहूर हिमालयन बॉटनिकल गार्डन स्थित है। यहाँ आपको बटरफ्लाई पार्क, प्लांट लाइब्रेरी, हर्बेरियम और नौका सवारी जैसी दिलचस्प चीज़ें देखने को मिलेंगी। यह जगह सिर्फ प्रकृति-प्रेमियों के लिए ही नहीं बल्कि परिवार और बच्चों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है। यही कारण है कि Nainital me ghumne ki jagah खोज रहे यात्री यहाँ आकर खुद को नेचर के और करीब महसूस करते हैं।

4) खुर्पाताल

करीब 1,600 मीटर की ऊँचाई पर बसा हरा-भरा खुर्पाताल, नैनीताल की सबसे कम खोजे गए झीलों में से एक है। गहरे देवदार, चीड़ और देवदारु के पेड़ों से घिरी यह झील अपनी मनमोहक सुंदरता के लिए जानी जाती है। यह झील फिशिंग और बोटिंग जैसी पानी की गतिविधियों के लिए भी मशहूर है। साथ ही, झील के आसपास फैले कई प्राकृतिक रास्ते इसे हाइकिंग और नेचर वॉक के लिए भी लोकप्रिय जगह बनाते हैं।

5) नौकुचियाताल

जैसा कि नाम से साफ है, नौकुचियाताल यानी “नौ कोनों वाली झील”। यह नैनीताल की सबसे गहरी झीलों में से एक मानी जाती है, जिसकी गहराई लगभग 40.3 मीटर है। अपने खूबसूरती से सजे किनारों और शांत वातावरण के कारण यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है। यहाँ बोटिंग, सेलिंग, पैडलिंग के साथ ही बर्डवॉचिंग और फ़ोटोग्राफ़ी का भी शानदार अनुभव लिया जा सकता है। मई महीने में यहाँ हर साल मशहूर “Escape Festival” भी आयोजित किया जाता है।

6) कमल ताल

नौकुचियाताल के बिल्कुल पास ही स्थित है कमल ताल, जिसे “झील ऑफ लोटस” भी कहा जाता है। यहाँ ज़्यादा एक्टिविटीज़ नहीं होतीं, लेकिन इसे नैनीताल की सबसे सुंदर झीलों में गिना जाता है। सही मौसम में इसकी सतह कमल के फूलों से ढक जाती है और पानी में रंग-बिरंगी मछलियाँ तैरती नज़र आती हैं, जो इस जगह को और भी आकर्षक बनाती हैं।

7) सातताल

जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है, सातताल यानी सात झीलों का समूह। यह नैनीताल में घूमने की जगहों में से सबसे लोकप्रिय मानी जाती है। घने चीड़ और देवदार के पेड़ों से घिरी इन झीलों में से तीन आसानी से पहुँची जा सकती हैं, दो तक गहरे जंगल से पैदल जाना पड़ता है और बाकी दो जंगल के भीतर और भी मुश्किल रास्तों से मिलती हैं।

करीब 1370 मीटर की ऊँचाई पर स्थित सातताल प्रवासी पक्षियों का ठिकाना भी है। यहाँ के बहते पानी और हरी-भरी वादियों में कई दुर्लभ पक्षी दिखाई देते हैं। सातताल की झीलों के नाम हैं — पूर्णा ताल, राम ताल, सीता ताल, लक्ष्मण ताल, नल दमयंती ताल, सुख ताल और गरुड़ ताल। मान्यता है कि नल-दमयंती के वनवास काल की कथा यहाँ से जुड़ी हुई है। रामायण के पात्रों पर आधारित राम, सीता और लक्ष्मण ताल भी इसी समूह का हिस्सा हैं, जबकि गरुड़ ताल भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ के नाम पर रखा गया है।

गढ़वाल हिमालय के नज़ारों, घनी हरियाली और झिलमिलाती ग्लेशियर झीलों के बीच सातताल हर तरह की छुट्टियों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है — चाहे दोस्तों संग ट्रिप हो या परिवार के साथ।

अगर आप नैनीताल की खूबसूरती का आनंद लेते हुए एक आरामदायक और प्राइवेट स्टे की तलाश में हैं, तो StayVista की प्रॉपर्टीज़ पर नज़र डाल सकते हैं। चाहे परिवार संग हों या दोस्तों के साथ, StayVista आपको शानदार विला, मॉडर्न सुविधाएँ और पहाड़ों के बीच सुकून भरा माहौल प्रदान करता है।

यात्रियों के लिए nainital mein rehene ki jagah के रूप में StayVista विला एक बेहतरीन विकल्प हैं, जहाँ आप झीलों और वादियों के नज़ारों के साथ अपनी छुट्टियों को और खास बना सकते हैं।

Banner image credits: Anirudh Singh via Flickr

AS
WRITTEN BY

Ashwini Achary

I’m a full-time writer who juggles words and amateur photography with equal passion! You’ll find me wandering the world if not writing, exploring new places, but with a sensitive tummy. Also, a self-proclaimed cinephile who can binge-watch movies and series like it's an Olympic sport, and I do have a soft spot for books. While I adore reading, I mostly just collect them, channeling my inner tsundoku spirit. I make sure every day is a mix of creativity, curiosity, and just a little bit of chaos.

215 articles published in the Journal
CONVERSATION

0 comments

No comments yet. Be the first to start the conversation!

LEAVE A COMMENT

Add to the conversation.

Your email won't be published. Required fields are marked *.